सरायकेला : गम्हरिया स्थित विजयश्री ऑटोकम लिमिटेड द्वारा 20 से 25 वर्षों से कार्यरत दो स्थानीय मजदूरों को बिना किसी ठोस कारण और पूर्व सूचना के काम से हटा दिए जाने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। पीड़ित मजदूर मानिक प्रामाणिक एवं राजकुमार सिंह ने न्याय की गुहार लगाते हुए मामला सरायकेला के श्रम अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचाया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर ने इसे संज्ञान में लिया और पूरे प्रकरण की जांच का आश्वासन देते हुए पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। श्रम अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि श्रम कानूनों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक दल गठित कर जांच की जाएगी।
गौरतलब है कि झारखंड सरकार द्वारा राज्य के उद्योगों में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देने का प्रावधान किया गया है, ताकि स्थानीय युवाओं और मजदूरों को रोजगार का संरक्षण मिल सके। लेकिन इसके बावजूद कुछ कंपनियां अपने मोनोपोली और मनमानी रवैये का प्रदर्शन करते हुए वर्षों से सेवा दे रहे मजदूरों को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह कंपनियां बिना जवाबदेही के मजदूरों को हटाती रहीं, तो सरकार की रोजगार नीति केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी। मजदूर संगठनों ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अब सबकी नजर श्रम अधीक्षक की जांच पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि कानून का राज चलेगा या कंपनियों की मनमानी।
