
रांची, झारखंड की मिट्टी की खुशबू, परंपरा की झलक और आधुनिकता की चमक—इन तीनों का अनोखा संगम देखने को मिला रांची के तरंग वाटर पार्क में, जहां ‘मिस यूनिवर्स झारखंड’ और ‘मिस टीन झारखंड’ का भव्य आयोजन हुआ। झारक्राफ्ट के प्रस्तुतिकरण और ज़िंक इवेंट्स के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम ने न सिर्फ सौंदर्य, बल्कि आत्मविश्वास और प्रतिभा की नई परिभाषा गढ़ी।
जब मंच बना सपनों की उड़ानराज्य के कोने-कोने से आई 50 से अधिक प्रतिभागियों ने जब मंच पर कदम रखा, तो हर प्रस्तुति में एक कहानी थी संघर्ष की, सपनों की और खुद को साबित करने की। रैंप पर चलती ये प्रतिभाएं सिर्फ मॉडल नहीं, बल्कि झारखंड के उभरते चेहरे थे, जो अपनी पहचान बनाने को तैयार दिखे।
प्रेरणा बनीं खास मेहमानकार्यक्रम की सबसे खास बात रही मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 मानिका विश्वकर्मा की मौजूदगी, जिनकी मुस्कान और शब्दों ने प्रतिभागियों में नई ऊर्जा भर दी।वहीं मुख्य अतिथि तनुश्री बोस ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे मंच केवल सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी को भी उजागर करते हैं।
हर राउंड में दिखा हुनर का रंगजब मंच पर सांस्कृतिक परिधान की छटा बिखरी, तो झारखंड की परंपरा जीवंत हो उठी।झारक्राफ्ट डिज़ाइनर राउंड में स्थानीय कला और हस्तशिल्प की खूबसूरती नजर आई, तो टैलेंट राउंड में प्रतिभागियों ने अपनी छिपी कला से सबको चौंका दिया।वेस्टर्न राउंड में आधुनिकता का आत्मविश्वास भी उतना ही प्रभावी दिखा।
सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, एक पहलयह आयोजन केवल ताज जीतने की दौड़ नहीं था, बल्कि युवाओं को एक ऐसा मंच देने की पहल थी, जहां वे खुद को पहचान सकें और आगे बढ़ सकें। आयोजकों का उद्देश्य साफ था—झारखंड की संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाना और युवाओं को नए अवसरों से जोड़ना।
निष्कर्षरांची का यह मंच उस एहसास का गवाह बना, जहां सपनों ने आकार लिया और आत्मविश्वास ने उड़ान भरी।यह आयोजन साबित करता है कि झारखंड की प्रतिभा अब सिर्फ सीमित नहीं, बल्कि देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है।
