
सरायकेला। सरायकेला के टाउन हॉल में आज आदिवासी सांवता सुशार अखाड़ा की महिला समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन बड़े ही उत्साह के साथ मनाया। इस मौके पर आदिवासी महिलाओं और बच्चों ने केक काटकर अपनी खुशी जाहिर की और प्रधानमंत्री द्वारा आदिवासी समाज के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों की सराहना की।
आदिवासियों के लिए सरकार की ऐतिहासिक पहल
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के उत्थान के लिए ऐतिहासिक काम हुए हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से 2025 के बीच जनजातीय मामलों के मंत्रालय का बजट आवंटन तीन गुना बढ़कर 4,295 करोड़ रुपये से 14,926 करोड़ रुपये हो गया है। यह धनराशि आदिवासियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को बेहतर बनाने पर खर्च की जा रही है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सुधार
सोरेन ने कहा कि दूर-दराज के इलाकों में स्थापित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में 1.20 लाख से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं। झारखंड में पहले सिर्फ 7 ऐसे विद्यालय थे, जबकि अब 92 स्वीकृत हैं, जिनमें से 51 में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने पीएम जनमन योजना का भी जिक्र किया, जिसके लिए 24,104 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस योजना का लक्ष्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है। इसके तहत 1,04,688 मकान बनाए गए हैं, 7,202 गांवों में पाइप से पानी पहुंचाया गया है, और 1,069 आंगनवाड़ी केंद्र खोले गए हैं।इसके अलावा, ‘धरती आबा जनजातीय गौरव अभियान’ के लिए भी 79,156 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिसका मकसद जमीनी स्तर पर आदिवासियों का विकास करना है। अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना का बजट 2013-14 के 24,598 करोड़ रुपये से 5 गुना बढ़कर 2024-25 में 1.23 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत आदिवासियों के सम्मान और सशक्तिकरण की पहचान बन चुका है। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, विधायक प्रतिनिधि सानद कुमार आचार्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
