झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक के आदेश को अगली सुनवाई तक विस्तार दिया है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया, जिसके जवाब में सरकार के उपस्थित अधिवक्ता ने चार सप्ताह का समय देने का आग्रह किया है. जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है.
यह मामला देवघर स्थित परित्राण मेडिकल ट्रस्ट की संपत्ति बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट द्वारा खरीदे जाने से जुड़ा हुआ है. जिसमे शिवदत्त शर्मा ने निशिकांत दुबे के खिलाफ जालसाजी का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है. जिसे रद्द करने को लेकर सांसद निशिकांत दुबे ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अंबुजनाथ की अदालत में हुई. निशिकांत दुबे की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव, पार्थ जालान व शिवानी जालूका ने बहस की.
