
जमशेदपुर: नमन परिवार द्वारा आयोजित अखंड तिरंगा यात्रा सह शहीद सम्मान यात्रा इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह, एकता और राष्ट्रभाव के साथ संपन्न हुई। लगभग 6.5 किलोमीटर लंबी इस भव्य यात्रा में हजारों लोगों की भागीदारी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। पूरा शहर “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा और देशभक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला।अलौकिक और अद्भुत रही यात्रा, हर वर्ग की दिखी भागीदारीयह यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर सामने आई। इसमें धर्म, जाति, वर्ग और राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर हर समुदाय के लोगों ने भाग लिया।लोगों ने खुले दिल से कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे नई पीढ़ी को शहीदों की शहादत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बताया।शहीदों को श्रद्धांजलि, पूर्व सैनिकों का हुआ सम्मानकार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जहां मां भारती के चित्र के साथ-साथ भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।इस दौरान पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया, जिससे पूरा वातावरण भावुक और गौरवपूर्ण हो उठा।यात्रा की भव्यता ने मोहा मनयात्रा में आकर्षण का केंद्र बनीं—स्केटिंग टीम का शानदार प्रदर्शनबुलेट रैलीघुड़सवार दलमां भारती का सुसज्जित रथदेशभक्ति झांकियांऑर्केस्ट्रा और बैंड की प्रस्तुतिइन सभी ने पूरे माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।100 से अधिक स्थानों पर हुआ भव्य स्वागतपूरे मार्ग में 100 से अधिक स्थानों पर स्वागत शिविर लगाए गए, जहां विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक संगठनों ने यात्रियों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।पुष्प वर्षा, अंगवस्त्र, मोमेंटो और चाय-पानी की व्यवस्था ने इस यात्रा को जनभागीदारी का विशाल उदाहरण बना दिया।नेताओं ने बताया राष्ट्रनिर्माण का माध्यमअर्जुन मुंडा (पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री)उन्होंने कहा कि यह यात्रा राष्ट्र की आत्मा को सशक्त करने वाली पहल है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।विद्युत वरण महतो (सांसद, जमशेदपुर)उन्होंने इसे समाज को एक सूत्र में बांधने वाला आयोजन बताते हुए कहा कि ऐसी भावना ही देश को मजबूत बनाती है।अमरप्रीत सिंह काले (संस्थापक, नमन परिवार)उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य शहीदों के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाना है।राकेश्वर पांडे (इंटक नेता)उन्होंने इसे सामाजिक समरसता और एकता का अद्भुत उदाहरण बताया।वरुण कुमार (पूर्व सैनिक सेवा परिषद)उन्होंने कहा कि यह आयोजन शहीदों और सैनिकों के सम्मान का सशक्त मंच है।चंद्रगुप्त सिंहउन्होंने कहा कि यह यात्रा शहर की शान बन चुकी है।जनआंदोलन का रूप लेता आयोजनइस यात्रा में आम से लेकर खास तक, हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी रही। विभिन्न संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इसे और भी भव्य बना दिया।यह आयोजन अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और जनभागीदारी का बड़ा आंदोलन बन चुका है।
