
बहरागोड़ा, 23 मार्च: झारखंड के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पानीपाड़ा नागुडसाईं स्थित स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले 227 किलोग्राम वजनी शक्तिशाली बम ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। कई दिनों से कौतूहल और भय का कारण बना यह बम मंगलवार को भारतीय सेना के नियंत्रण में आ गया, जिसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।सेना की विशेषज्ञ टीम ने संभाला मोर्चामंगलवार को सेना की उच्चस्तरीय बम निरोधक टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह कर रहे हैं। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बम की स्थिति, उसकी मारक क्षमता और आसपास के भौगोलिक हालात का बारीकी से निरीक्षण किया।बम के आकार और खतरे को देखते हुए ऑपरेशन को अत्यंत सावधानी और वैज्ञानिक तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।सुरक्षा के कड़े इंतजामबम को निष्क्रिय करने के दौरान किसी भी संभावित नुकसान को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए गए हैं।बम के चारों ओर बालू से भरी बोरियों की ऊंची दीवार बनाई जा रही हैएक विशेष गड्ढा तैयार किया गया है ताकि विस्फोट का प्रभाव जमीन के भीतर सीमित रहेपूरे इलाके की माप कर सुरक्षा घेरा तय किया गया है1 किलोमीटर क्षेत्र रहेगा पूरी तरह सीलऑपरेशन के दौरान घटनास्थल के चारों ओर लगभग 1 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा।सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से विमानों के संचालन पर भी अस्थायी रोक लगाई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।ग्रामीणों में दहशत, सेना से उम्मीदस्वर्णरेखा नदी किनारे इतने बड़े और खतरनाक बम की मौजूदगी से आसपास के गांवों में कई दिनों से डर और दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे।अब सेना द्वारा ऑपरेशन शुरू किए जाने के बाद लोगों में राहत की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से भय के साये में जी रहे थे और अब जल्द समाधान की उम्मीद है।
