
आदित्यपुर: लोक आस्था का महापर्व चैती छठ पूजा शुरू हो चुका है, लेकिन आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में स्थित खरकाई नदी की बदहाली ने छठ व्रतियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी का गंदा पानी, घाटों पर फैली गंदगी और जगह-जगह टूटी पड़ी शराब की बोतलें श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही हैं। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की तैयारियां नाकाफी नजर आ रही हैं, जिससे लोगों में चिंता का माहौल है।नदी बनी डंपिंग यार्ड, प्रशासन पर लापरवाही का आरोपस्थानीय लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण खरकाई नदी अब डंपिंग यार्ड में तब्दील हो चुकी है। जलस्तर कम होने के साथ-साथ लगातार कचरा फेंके जाने से साफ पानी काले कीचड़ में बदल गया है।चार दिवसीय छठ पर्व—नहाय-खाय, खरना, और घाटों पर पहला व दूसरा अर्घ्य—के दौरान व्रतियों को नदी में उतरना पड़ता है। ऐसे में गंदगी और प्रदूषण उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है।घनी आबादी, लेकिन मूलभूत व्यवस्था नदारदआदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र घनी आबादी वाला इलाका है, जहां हर साल बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा करते हैं। इसके बावजूद घाटों की सफाई, रोशनी, बैरिकेडिंग और पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिख रही है।घाटों के आसपास शराब की बोतलों का बिखरा होना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह श्रद्धालुओं की आस्था के साथ भी खिलवाड़ माना जा रहा है।सुरक्षा इंतजामों पर भी उठे सवालछठ पूजा जैसे बड़े पर्व पर जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु घाटों पर जुटते हैं, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी होते हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक प्रशासन की ओर से न तो पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और न ही आपातकालीन सेवाओं की कोई ठोस व्यवस्था दिख रही है।स्थानीय लोगों की मांग: तत्काल हो कार्रवाईक्षेत्रवासियों ने आदित्यपुर नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि:घाटों की तत्काल सफाई कराई जाएनदी में गिर रहे कचरे पर रोक लगेसुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंरोशनी, बैरिकेडिंग और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाएबड़ा सवाल: क्या समय रहते जागेगा प्रशासन?खरकाई नदी की मौजूदा स्थिति एक गंभीर सवाल खड़ा करती है—क्या प्रशासन समय रहते संज्ञान लेगा?यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह न केवल छठ व्रतियों की आस्था को ठेस पहुंचाएगा, बल्कि एक बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
