
नई दिल्ली: देश में मीडिया और प्रकाशन जगत के लिए 2026 एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। अब पारंपरिक RNI (Registrar of Newspapers for India) की जगह Press Registrar General of India (PRGI) ने ले ली है। इसके साथ ही प्रेस और पत्रिकाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है।सरकार द्वारा लागू PRP Act (Press and Registration of Periodicals Act, 2023) के तहत अब सभी अखबार, पत्रिका और पीरियोडिकल का रजिस्ट्रेशन सिर्फ आधिकारिक Press Seva Portal के माध्यम से ही होगा।
क्या बदला है? जानिए नए नियम2026 के नए नियमों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर मीडिया संस्थानों पर पड़ेगा:
पूरी तरह डिजिटल प्रक्रियाअब आवेदन से लेकर पंजीकरण तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। ऑफलाइन सिस्टम लगभग समाप्त कर दिया गया है।
आधार आधारित सत्यापन अनिवार्यआवेदकों को अब Aadhaar Authentication के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी।
Form-IV में नए प्रावधानप्रिंटिंग प्रेस के लिए अब:GST नंबरप्रेस रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नंबरदेना अनिवार्य कर दिया गया है।
डिजिटल मीडिया पर भी नजरवेब न्यूज पोर्टल के लिए:डोमेन रजिस्ट्रेशनवेब होस्टिंग डिटेलदेना आवश्यक हो सकता है। दस्तावेजों का नया नियमSelf-attested दस्तावेज मान्य होंगे, लेकिन DM वेरिफिकेशन के समय मूल दस्तावेज दिखाने होंगे।
क्या PRGI पोर्टल बंद होगा?इस पर स्पष्ट किया गया है कि PRGI का Press Seva Portal ही अब स्थायी और एकमात्र प्लेटफॉर्म रहेगा।
इसे बंद करने की कोई योजना नहीं है, बल्कि भविष्य में इसे और मजबूत किया जाएगा।
प्रिंट मीडिया के लिए सख्ती बढ़ीनए नियमों के अनुसार:बिना PRGI रजिस्ट्रेशन के अखबार या पत्रिका प्रकाशित करना गैरकानूनी माना जाएगाटाइटल अप्रूवल से लेकर अंतिम प्रमाणपत्र तक सभी चरण ऑनलाइन होंगे
डिजिटल और सोशल मीडिया पर क्या असर?PRGI का सीधा नियंत्रण केवल प्रिंट और पीरियोडिकल पर है।हालांकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अन्य नियम लागू होते हैं:IT Rules 2021Digital Media Ethics Codeटेक कंपनियां जैसे Google और Meta इन नियमों के तहत काम करती हैं। वेब न्यूज पोर्टल के लिए अभी PRGI रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है, लेकिन नियमों का पालन जरूरी है।
लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन: क्या जरूरी है?प्लेटफॉर्म रजिस्ट्रेशन Newspaper / Magazineअनिवार्य (PRGI)Web News Portal,YouTube News Channel अनिवार्य नहीं विशेषज्ञों की रायमीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव पारदर्शिता और फर्जी प्रकाशनों पर रोक लगाने के लिए किया गया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा मिल रहा है, लेकिन भविष्य में इनके लिए भी नियम सख्त हो सकते हैं।
